Holi Festival Shayari in Hindi

होली का पर्व बहुआयामी है। इस दिन समाज से ऊंच-नीच, गरीब-अमीर जैसी विभाजक भावनाएं विलुप्त हो जाती हैं। यह पर्व खेती-किसानी से भी जुड़ा है इसीलिए तो जलती होली में गेहूं की बालियों को भूनने का महत्व है






प्यार भरी होली शायरी फॉर लवर्स
" कुछ रंग बिखरे हैं अल्फाज़ो में,
कुछ रंग उड़ रहे एहसासो में,
हर रंग आज छू कर तुम्हे…,
 घुल के समां रहे हैं मेरी सांसों में..

" खा के गुजिया पीके भंग,
 लगा के थोड़ा थोड़ा सा रंग,
बजा के ढोलक और मृदंग..

" खेले होली हम तेरे संगना हैं, होली आ रही हैंगोपियों हमसे जरा संभल के रहना,
क्युकी हम गालों पे रंग लगाकर दिल का रंग चुरा लेते हैं |

होली में वो लड़किया भी अपने अंदर की होलिका
जलाले,जो दशहरा में लड़को
 से अपने अंदर का रावण जलाने को कह रही थी !!

दूरियाँ दिल की मिटेंहर कहीं अनुराग हो।
न द्वेष होन राग होऐसा यहाँ पर फाग हो।।

जमाने के लिए आज होली है,
मुझे तो तेरी यादे रोज रंग देती है…!!

पिचकारी की धारगुलाल की बौछार,
अपनों का प्यारयही है यारों होली का त्यौहार.

इन रंगो से भी सुन्दर हो ज़िन्दगी आपकी,

"हमेशा महकती रहे यही दुआ हैं हमारी
,
कभी न बिगड़ पाए ये रिश्तो के प्यार की होली.

ए-मेरे यार आप सबको मुबारक हो ये होली..


सपनो की दुनिया और अपनों का प्यार

गालों पे गुलाल और पानी की बौछार,

सुख समृद्धि और सफलता का हार,

मुबारक हो आपको रंगो का त्यौहार


सुबह रंगीली शाम रंगीली
ऐसी आयी है ये होली
सब पर बरसे रंग कई
पर मेरी खाली थी झोली


दिन रंगीन, रंगीली रात
दिल में रह गयी दिल की बात
कैसे सह पाऊ मैं पगली
मिले जो मुझको कई आघात

जब भी आती देखी होली
रात अँधेरी मुझको बोली
सुबह के रंग में रंग दूंगी तुझको
पर सुबह ने आँख न खोली

होली आयी और चली गयी,
सब की दुनिया रंगी गयी
मैं मासूम लिए दिल अपना
जाने कितनी बार चली गयी

रंग में उमंग नहीं थी
खुशियो की कोई भांग नहीं थी
ऐसी थी तक़दीर मेरी की,
होली की कोई हुड़ंग नही थी..

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